| Actor | Role |
|---|---|
| Akshaye Khanna | Major Iqbal / Ghost |
| Ranveer Singh | Lead Hero |
| R. Madhavan | Strategist / Dialogue Fighter |
| Sanjay Dutt | Key Supporting Character |
| Arjun Rampal | Villain / Antagonist |
अगर किसी फिल्म के ट्रेलर को देखकर आपको लगे कि यह एक teaser नहीं बल्कि “a complete manual of brutal human killings” है… तो समझ जाइए कि बात कुछ भारी है। DhuranDhar का 3.5 मिनट का ट्रेलर देखकर यही महसूस हुआ था। लेकिन फिल्म ने यह साबित करने के लिए 3 सेकंड भी नहीं लगाए। जो हिंसा और madness आपने ट्रेलर में झलकियों में देखी, फिल्म उसे कई गुना ज्यादा बढ़ाकर परोसती है। अगर Animal में एक violent character था, तो DhuranDhar में पूरा wildlife sanctuary खुला पड़ा है।
तो सबसे बड़ा सवाल:
DhuranDhar देखनी चाहिए या नहीं?
थोड़ा पढ़ लो, जवाब बिल्कुल साफ मिलेगा।
A Deep Dive Into The Story Line
फिल्म की शुरुआत एक तेज रफ्तार narrative से होती है, जहां डायरेक्टर तीन मुख्य characters के जरिए आपको सीधे पाकिस्तान के अंदर चल रही एक dangerous political plan में फेंक देता है। यहां “New Pakistan” बनाने का blueprint तैयार हो रहा है। Rule simple है:
कराची जीता तो पूरा पाकिस्तान जीता।
इस पूरे ऑपरेशन का self-declared Prime Minister है Rahman Dacait। यह इंसान नहीं, एक चलता-फिरता खतरा है। उसे “Butcher” क्यों कहते हैं, यह फिल्म बहुत साफ कर देती है। धोखा दिया तो मौत से पहले कोई मौका नहीं मिलता।
इसके सामने है Major Iqbal, जिसे लोग Ghost कहते हैं—because he is invisible but everywhere. वह चुप है, लेकिन उसका shadow पूरे सिस्टम पर भारी है।
फिर आता है SP Chaudhary Aslam, जो profession से पुलिस वाला और passion से पूरे underworld का बाप जैसा लगता है।
और पूरी कहानी का सबसे explosive हिस्सा है Hamza। नाम भले रंगीन है, लेकिन उसका chapter खून की गंध से भरा है। अगर कहानी में रानी है, तो राजा उसे ही बनना होगा। रहमान को गिराने का रास्ता इसी character से होकर गुजरता है।
Politics, mafia power, betrayal, thrill, emotional outbursts और non-stop action—DhuranDhar इन सबको एक ही track पर दौड़ाती है।
Direction That Hits Like A Punch
Uri से लेकर DhuranDhar तक Aditya Dhar clearly एक फिल्ममेकर के रूप में evolve हुए हैं। DhuranDhar उनकी सबसे fearless, risky और unapologetic फिल्म है।
कहानी 3 घंटे 34 मिनट लंबी है, लेकिन sluggish महसूस नहीं होती। हर 20 मिनट में नया chapter शुरू होता है, जिससे narrative बार-बार refresh हो जाता है।
फिल्म किसी भी चीज़ पर फ़िल्टर नहीं लगाती—
• hate
• religion
• politics
• India–Pakistan viewpoint
सब कुछ direct और बिना sugarcoat किए दिखाया गया है।
डायलॉग्स bold हैं।
“Hindustan का सबसे बड़ा enemy, Hindustan खुद है.”
इस तरह की लाइनें बिना डर के शामिल करना ही इस फिल्म की सबसे अलग पहचान है।
आज फिल्म को मिल रही hate सिर्फ actors के लिए नहीं है। यह डायरेक्टर की bold thinking और unshakeable conviction की वजह से भी है।
Violence That Redefines On-Screen Brutality
अगर आप सोचते हैं कि आपने हर तरह का action और violence फिल्मों में देख लिया है, तो DhuranDhar आपकी सोच बदल देगी।
Action sequences इतने creative और shocking हैं कि आप confused हो जाओगे कि पहले appreciate करूं या आंखें बंद कर लूं। यहां gunshots background score बन जाते हैं और blood एक visual effect की तरह दिखता है।
India–Pakistan पर फिल्में बहुत बनी हैं, लेकिन Pakistan को इस level पर raw, detailed और unapologetic तरीके से किसी ने प्रस्तुत नहीं किया। Lyari जैसी जगहों पर Google searches खुद बढ़ जाएंगी।
और सबसे बड़ी बात:
फिल्म में कोई “hero entry slow-motion” vibe नहीं है। यहां हर character उतना ही important है जितना कहानी मांगती है।
Power-Packed Performances
Akshaye Khanna
सबसे standout परफॉर्मेंस। उनका character इतना heavy और layered है कि कई scenes में वह सभी पर भारी पड़ते हैं।
Ranveer Singh
फिल्म का closing punch। जिस intensity से उन्होंने scenes को carry किया है, वह साफ बताता है कि hate से ऊपर जाकर talent जीतता है।
R. Madhavan
बंदूक से नहीं, अपनी बातों से घाव देते हैं। Calm but deadly।
Sanjay Dutt
कम screen time, लेकिन जब आते हैं तो पूरी स्क्रीन हिला देते हैं।
Arjun Rampal
इस पार्ट में कम इस्तेमाल हुए हैं, लेकिन पार्ट 2 में उनका character बहुत बड़ा impact देगा।
यहां कोई one-man show नहीं है।
यह पूरी तरह ensemble-driven cinema है।
Where The Film Weakens
- Romantic track कमजोर लगता है।
- Ending अचानक रुक जाती है क्योंकि कहानी सीधे DhuranDhar 2 (March 2026) में जा रही है।
- Violence कुछ लोगों के लिए too much हो सकता है।
- Check IMDB Rating
Final Verdict: A Must-Watch For Serious Cinema Lovers
DhuranDhar हल्की-फुल्की या family kind of फिल्म नहीं है। यह heavy है, political है, violent है और बहुत ज्यादा intense भी।
लेकिन अगर आपको real cinema, bold storytelling और uncompromising action पसंद है, तो इस फिल्म को theatre में मिस मत करना।
यह एक ऐसी फिल्म है जो आपको परेशान भी करेगी और impress भी।
यह वो cinema है जिसे आप महसूस करते हैं, सिर्फ देखते नहीं।
4 out of 5 stars — और यह rating बहुत honest है।
फिल्म में गालियां भी हैं, खून भी है और brutality भी। इसलिए family के साथ avoid करें।
लेकिन अकेले देखकर जरूर आएं—
क्योंकि DhuranDhar एक ऐसा theatre experience है जो बाद में regret नहीं होने देगा।




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